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लालच बुरी बला हैं Hindi Stories

किसी गांव में एक ही किराने की दुकान थी। दुकानदार का नाम था बबलू। 
वह चावल बेचता था। एक औरत आई बोली बबलू भैया चावल क्या भाव दे रहे हो तो बबलू ने कहा ₹15 किलो और ₹20 किलो। तो औरत बोली भैया सस्ते वाले चावल दो इतने महंगे चावल ले गए तो गुजारा कैसे होगा तो बबलू ने कहा बहन जी अभी तो यही वाले हैं बाजार में जाऊंगा तो देखकर सस्ते वाले चावल ले आऊंगा तो उस औरत ने ₹15 किलो वाले चावल ले लिए। 


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बब्लू की दुकान 


अगले दिन जब बबलू बाजार गया तो उसने सेठ जी को बोला सेठ जी मुझे सस्ते वाले चावल। दे दीजिए तो सेठ जी ने कहा मेरे पास तो ₹15 किलो वाले ही सबसे सस्ते चावल है तो बबलू ने कहा सेठ जी ₹15 किलो वाले चावल दो बोरी दे दीजिए। जब सेठ जी बोरी निकालने दुकान के अंदर गए तो दुकान के ही एक लड़के ने बताया भैया अगर आपको सस्ते चावल चाहिए तो पीछे वाली गली में चले जाइए वहां पर एक चावल का गोदाम है वहां पर बहुत सस्ते चावल मिलते हैं।



 यह सुनकर बबलू ने सेठ जी को बोला सेठ जी अभी रहने दीजिए मैं थोड़ी देर में आता हूं यह बोलकर बबलू पीछे वाली गली में गया वहां पर एक आदमी एक बंद गोदाम के आगे बैठा था उसने आदमी से पूछा भाई साहब चावल का गोदाम का है तो वह आदमी ने कहा यहीं पर है। तुम्हें क्या चाहिए बबलू ने कहा मुझे सस्ते चावल चाहिए उस आदमी ने कहा ठीक है हमारे पास ₹10 किलो और ₹12 किलो वाले चावल है तो बबलू ने कहा ठीक है आप मुझे दो बोरी ₹10 किलो वाली औरत दो बोरी ₹12 किलो वाली दे दीजिए। 

तो आदमी ने कहा ठीक है बबलू चावल लेकर अपनी दुकान पर आ गया और नई रेट लिस्ट लगा दी चावल ₹15 किलो और चावल ₹13 किलो। यह देखकर एक औरत आई और बोली। अरे बबलू भैया आज तो चावल का रेट कम कर दिया तो बबलू ने कहा ग्राहकों की डिमांड थी तो मैं सस्ते चावल ले आया। देखते ही देखते बबलू की दुकान पर ग्राहकों की लाइन लग गई और शाम तक सारा चावल दिख गया यह देखकर बबलू बहुत खुश हुआ और बबलू को काफी मुनाफा भी हुआ। 

अब बबलू अगले दिन फिर उसी गोदाम पर जाता है और 4 बोरी चावल और ने आता है वह चावल भी शाम तक सारा बिक गया इसी तरह चलता रहा और बबलू अच्छा ज्यादा मुनाफा कमाने लगा एक दिन अचानक गांव के लोग बीमार पड़ने लगे तो देखते ही देखते सरकारी अस्पताल में। दिव्य मारो की लाइन लग गई। तब स्वास्थ्य विभाग की टीम आई और उन्होंने चेक किया कि गांव के लोग बीमार क्यों हो रहे हैं? उन्होंने लोगों से पूछा कि तुमने क्या खाया था तो लोगों ने बताया कि हमने चावल खाए थे जो बबलू की दुकान से लाए थे

 यह सुनते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम पुलिस को लेकर बबलू की टीम दुकान पर पहुंच गई और बबलू के चावल का सैंपल लिया है। केमिकल डाला और चावल तुरंत ही लाल हो गए इस पर पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया और बताया कि यह चावल प्लास्टिक के है। यह सुनकर बबलू डर गया और बबलू ने पुलिस को सारी बात सच सच बता दी तो वह पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ उस खुदा पुलिस ने गोदाम पर छापा मारा और सारा माल जप्त कर लिया और बबलू को आगे से ऐसे चावल बेचने की चेतावनी। देते हुए चले गए। 

धन्यवाद बच्चों इस कहानी से आपको क्या शिक्षा मिलती है यह आप कमेंट करके बताएं।

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चंचल मन

 हेलो बच्चों आज हम आपके सामने पेश करते हैं नई कहानी  एक गांव में एक किसान और उसके पत्नी रहते थे  वह दोनों अपने खेत का साथ में ध्यान रखते थे  वह बहुत मेहनती थे  तब भी बेचारे गरीब ही रहे एक दिन जब वह खेती कर रहे थे तब उन्हें एक औजार की एक पत्थर से   टकराने की आवाज आई और पत्थर टूट गया और फिर उस पत्थर में से एक देवी प्रकट हुई । देवी उन दोनों का शुक्रगुजार करती हैं। क्योंकि उन्हें लगा कि उनकी वजह से उनका अभिशाप टूटा है। फिर देवी उनको आशीर्वाद  के रूप में तीन चीज मांगने को कहती है


  तब किसान की पत्नी किसान के कान में कुछ बताते हुए कहते हैं हमें पैसे मांगने चाहिए  हमारी सारी मुसीबतें चली जाएंगी  यह सुनने के बाद किसान बोलता है कि इतने पैसे मांगने पर हमारे घर में पैसों की चोरी हो सकती है। हमें कुछ और सोचना चाइये  देवी  उन्हें सोचने के लिए 1 दिन की मोहलत देती है और वह गायब हो जाती हैं पूरी रात सोचने के बाद भी उस जोड़े को समझ ही नहीं आया कि उनको क्या मांगना चाहिए? 



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पती पत्नी सोचते हुए


खाने पर किसान की पत्नी कहती है - हमें पैसे की मांग लेने चाहिए थे  एक अच्छा भोजन तो कर पाते आज रात  अचानक कुछ अद्भुत हुआ उनकी थाली में स्वादिष्ट खाना प्रकट हुआ। यह देखते ही किसान बहुत गुस्से में अपनी पत्नी को कहता है कि तुमने एक मांग बर्बाद कर दी।अगर हम यह  खाना ना खाए तो अब तुम इस खाने को अंदर जाकर रख दो तो अपने आप ही थाली अंदर जाकर अलमारीमें बंद हो गयी। 







उनकी दूसरी मांग भी ऐसे ही बर्बाद हो गई और फिर किसान घबरा जाता है और जल्दी ही कहता है कि खाने को अलमारी से बाहर आ जाना चाहिए  बस तभी खाना बाहर आता है और गायब किसान और उसकी पत्नी के पास कुछ नहीं बचा -  ना ही तीन मांगे और ना ही स्वादिष्ट खाना





 किसान को बहुत निराशा हुई तो बच्चों क्या सीखा आज आपने कि कैसे उस जोड़े ने बिना सोचे समझे  मांगों का सही उपयोग नहीं किया तो कभी भी जीवन में बिना सोचे समझे कोई फैसला नहीं लेना चाहिए। 



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