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Hindi Stories - बेबी का मेकअप चोर और खजाना

आज हम आपको 2 बच्चों की कहानियाँ (Hindi Stories) सुनाने जा रहें है। इसमें पहली कहानी हैं बेबी और मेकअप और दूसरी कहानी (Story) है चोर और खजाना, तो चलिए शुरू करतें हैं


1st of Hindi Stories

बेबी का मेकअप 


               बहुत समय पहले किसी शहर में एक छोटा सा परिवार रहता था। परिवार में बेबी नाम की 7 साल की बच्ची अपने मम्मी पापा के साथ रहती थी।  बेबी की मम्मी बहुत सुंदर थी और वह बहुत अच्छा मेकअप भी करती थी बेबी को अपनी मम्मी का मेकअप बहुत अच्छा लगता था । बेबी ने कहा  "मम्मी मैं भी आपकी तरह मेकअप करना चाहती हूं।"  इस पर मम्मी गुस्सा हो गई और डाटते हुए बोली बेबी मेकअप बड़ों की चीज है। 




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बेबी का माँ मेकअप करते हुए



इसीलिए तुम मेकअप को कभी नहीं लगाओगे मम्मी के ऐसा डाटने पर बेबी मान गई लेकिन उसका ध्यान हमेशा मेकअप पर ही रहता था। एक दिन स्कूल में क्लास टीचर ने सभी बच्चों से कहा कल स्कूल में पेरेंट्स टीचर मीटिंग है। इसलिए सभी बच्चे अपने पैरंट्स को स्कूल लेकर आएंगे। कल मैं आपके पैरंट्स को आपकी पढ़ाई की रिपोर्ट दूंगी बहुत खुश हुई थी 


मम्मी के साथ स्कूल जाऊंगी यह सोचकर वह खुशी-खुशी घर पहुंची और उसने टीचर की बात मम्मी को बताई कल स्कूल में पेरेंट्स टीचर की मीटिंग है। इसलिए आपको कल मेरे साथ स्कूल चलना होगा। वहां टीचर आपको मेरी पढ़ाई की रिपोर्ट देंगे।

 ठीक है बेबी कल मैं तुम्हारे साथ चलूंगी उम्मीद है ठीक है तुम्हारी कोई शिकायत नहीं करेंगी नहीं मम्मी टीचर आप से कोई शिकायत नहीं करेंगे। अगले दिन सुबह जाकर जल्दी से तैयार होकर मम्मी के कमरे में गई और हमेशा की तरह मम्मी को मेकअप करते देखने लगी मेकअप पूरा हो जाने पर मम्मी ने अपना हैंड बैग उठाया और वह दोनों स्कूल पहुच गए 




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स्कूल में बेबी की माँ

स्कूल पहुंचकर जैसे ही मम्मी और बेबी कुछ कदम स्कूल के अंदर गए। सभी बच्चे बेबी की मम्मी को टीचर समझकर गुड मॉर्निंग  गुड मॉर्निंग टीचर कहने लगे।  दोनों कुछ कदम आगे चले तो एक दूसरी मम्मी अपने बच्चे के साथ उनके पास आए और बेबी की मम्मी से बोली "टीचर मैं बंटी की मम्मी हूँ मुझे बंटी की शिकायत करनी है। बीवी की मम्मी ने उसे रोकते हुए कहा "नहीं, मैं टीचर नहीं हूं, मैं भी आप ही की तरह यहां अपनी बेटी की रिपोर्ट लेने आई हूं।" अच्छा आपने तो सुंदर मेकअप किया हुआ है। इसलिए मुझे लगा आप जरूर टीचर होंगी।             कहानियाँ (Hindi Stories)


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बेबी की माँ और बंटी की माँ


 बंटी की मम्मी बंटी को लेकर वहां से चली गई बेबी को सुनकर बहुत अच्छा लगा इसके बाद बेबी मम्मी को लेकर सीधे अपने टीचर के पास पहुंच गई टीचर को भी मम्मी का मेकअप बहुत अच्छा लगा वह भी उनकी मेकअप की बात करने लगी बेबी की मम्मी आप इस मेकअप में बहुत अच्छी लग रही हो। थैंक यू और बेबी की रिपोर्ट की बात करना भूल गई                                                           

तभी बेबी ने उन्हें याद दिलाया आप मम्मी कोमेरी रिपोर्ट्स देना तो भूल ही गए। हां याद आया मैं आपको बेबी की पढ़ाई की रिपोर्ट देते हैं। इसके बाद टीचर ने मम्मी को बेबी की रिपोर्ट दी और वह दोनों घर आ गए अपनी मम्मी की मेकअप की इतनी तारीफ सुनने और देखने के बेबी से रहा नहीं गया उसने ड्रेसिंग टेबल की दराज खोला और सोचा आज मैं भी मम्मी की तरह मेकअप करूंगी


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बेबी मेकअप करते हुए

 फिर उसने मेकअप करना शुरू किया एक-एक कर उसने लिपस्टिक, नेल पॉलिश, फाउंडेशन सब कुछ अपने चेहरे पर लगा दिया इसके बाद उसकी नजर मेकअप बॉक्स में रखे काजल पर पड़ी  बेबी काजल लगाने लगी काजल पलकों की जगह उसकी आंख में लग गया इसकी आंख जलने लगी  आंखों में पानी डाला इससे काजल और मेकअप भी उसके मुंह पर फैल गया और उसकी दोनों आंखों में चला गया।            


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बेबी का फेस काला हो गया

 आंखों में जलन के कारण जोर जोर से रोने लगी। सुनकर मम्मी उसके पास आई बेबी के चेहरे पर लगे मेकअप को देखकर मम्मी ने हैरानी से कहा "यह तुम्हारे मुंह को क्या हुआ" मैं तो बस आपकी तरह मेकअप लगा रही थी। मैंने तुम्हें मेकअप से दूर रहने के लिए कहा था ना "सॉरी मम्मी आपको सरप्राइज देना चाहती थी" उसी तकलीफ में देखते हुए मम्मी ने पहले उसके मुंह और आंखों को ठीक से साफ किया फिर उसे समझाते हुए बोले "बेबी मेकअप बड़े लोगों की चीज होती है। इसमें chemicals होते हैं जिससे छोटे बच्चों की स्किन खराब हो सकती है।             
 इसीलिए मैं तुम्हें हमेशा मेकअप से दूर रहने के लिए कहती थी मेकअप लगाने के लिए बहुत प्रैक्टिस करनी पड़ती है। बिना प्रैक्टिस के मेकअप लगाने से ऐसा ही होता है आखिरकार बेबी समझ गई कि मम्मी उसे मेकअप से दूर रहने के लिए क्यों कहती थी? उसने मम्मी से कहा कि "मम्मी बड़ी होने पर अच्छे से मेकअप लगाना सीखने के बाद ही मेकअप करूंगी" 

इस तरह बेबी मेकअप के बारे में Important Lesson सीख गई तो बच्चों की कहानी से ये शिक्षा मिलती है कि बच्चों को मेकअप नहीं लगाना चाहिये








2nd Story of Hindi Stories

चोर और खजाना


            किसी गांव में रघु नाम का एक आदमी अपनी पत्नी माला के साथ रहता था वह कोई काम नहीं करता था उसे बस सोना और खाना ही पसंद था इसलिए गुजारा करने के लिए उसकी पत्नी खेत में काम किया करती थी एक दिन माला खेत में खुदाई करते वक्त मंदिर की तरफ देखते हुए बोली "हे भगवान मेरे पति को सद्बुद्धि दो जिससे वह आलस छोड़कर काम पर ध्यान लगाने लगे" यह सब बातें बोलते हुए माला दोबारा अपने काम में लग जाती है 


जहां एक तरफ माला अपने पति के लिए दुआ कर रही होती है। वहीं दूसरी तरफ एक आदमी मंदिर के सामने खड़े होकर खुद से ही बातें कर रहा होता है।                                 



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चोर सोचता हुआ


 "यह मंदिर इस गांव का सबसे पुराना मंदिर है यहां चढावा भी बहुत चढ़ता है आज रात में ही मंदिर में चोरी करूंगा लेकिन रात को मंदिर के द्वार बंद होने के बाद अंदर कैसे जाऊंगा? कुछ तो सोचना पड़ेगा यह खेत मंदिर के बहुत नजदीक है। इसकी मदद से मैं आसानी से मंदिर के अंदर घुस सकता हूं। मुझे किसी भी हाल में इस खेत को खरीदना होगा"


 चोरी करने के लिए खेत खरीदने की मंशा से आदमी माला के पास जाता है "मुझे आपका खेत बहुत पसंद आया है। मैं इसे खरीदना चाहता हूं। क्या आप इसे 1000 रूपये में बेच सकती है" माला मना कर देती हैं
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माला ने सोचा - जरूर कुछ गड़बड़ है। मैं इस खेत को नहीं बेच सकती क्योंकि यह हमारा पुश्तैनी खेत है और हमारे पूर्वजों ने खेत के नीचे बहुत सारा खजाना छुपा रखा है। जिसे ढूंढने के लिए मैं यहां खुदाई कर रही हूं।


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चोर और माला


 चोर ने सोचा "यह औरत कितनी बेवकूफ है जो एक अन्जान आदमी को अपने खजाने के बारे में बता रही है। अब मुझे मंदिर में चोरी करने की कोई जरूरत नहीं है। उसकी जगह खेत का ही सारा खजाना चुरा लूंगा और अमीर बन जाऊंगा" चोर वहां से चला जाता है और कुछ ही देर में अपना काम खत्म करके माना भी घर वापस आ जाती है।        कहानियाँ (Hindi Stories)

रात होते ही चोर माला के खेत पर आता है। और खजाने के लालच में खेत की खुदाई करने लगता है रात भर पूरे खेत की खुदाई करने के बाद उस चोर को वहां कुछ नहीं मिलता है  थक हार कर चोर वहां से भाग जाता है। सूरज निकलते ही जैसे ही माला खेत पर पहुंचती है तो जमीन का हाल देखकर बहुत खुश हो जाती है।



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चोर खुदाई करता हुआ


बिचारी चोर को खजाना तो नहीं मिला लेकिन मुझे जो चाहिए था वह तो मुझे मिल गया अकेले खेत की खुदाई करती रहती तो बीज बोने का समय निकल जाता जल्दी से यहां बीज बो दूंगी जिससे फसल समय पर तैयार हो जाएगी माला बिना देरी किए जल्दी से खेत में बीज बो देती है और देखते ही देखते उसके खेत में हरी भरी फसल लहराने लगती है। 

कितनी अच्छी फसल है इसे बेचकर मेरे पास बहुत पैसे आ सकते हैं। जल्दी फसल की कटाई करती है और उसे ऊंचे दामों पर बेच देती है जिसके बाद उसके पास इतना पैसा आ जाता है कि वह अपने घर के लिए जरूरत का सभी सामान और अपने लिए कुछ गहने खरीद लेती है। एक दिन माला अपने गहनों को पहनकर बाजार में घूमने निकल जाती है। जहां चोर की नजर माला पर पड़ती है।                        कहानियाँ (Hindi Stories)

यह तो वही खजाने वाली औरत है जरूर मेरे जाने के बाद से खेत में दबा खजाना मिल गया होगा तभी इतने सारे गहने पहन कर घूम रही है। पर खजाने के लिए मेहनत तो मैंने की थी तो उसका असली हकदार भी मैं ही हूं खजाना पाने के लिए चोर उसी रात एक मुसाफिर का भेष बदलकर माला के घर पहुंच जाता

 जहां उसे घर के बरामदे में बैठा हुआ रघु नजर आता है। मैं एक मुसाफिर हूं रात बिताने के लिए मुझे घर  चाहिए क्या आज रात में आपके घर रुक सकता हू? रघू कहता है हा,रुक सकते हैं कि माला उसे देखते ही पहचान लेती है और दोबारा उससे अपना काम करवाने की योजना बनाती है "दूसरे गांव से आपकी बुआ का खत आया है। उनकी तबीयत बहुत खराब है। वह हम दोनों से मिलना चाहती है हमें इसी वक्त दूसरे गांव के लिए निकलना होगा कहानियाँ (Hindi Stories)

तभी कल सुबह तक पहुंच पाएंगे मैं आपके लिए खाना और बिस्तर बरामदे में ही लगा देती हूं। आपको यहां कोई दिक्कत नहीं होगी। इसके बाद माला और रघु घर के अंदर चले जाते हैं। जहां रघु कुछ बोलने की कोशिश करता है। लेकिन माला चोर को घर के बाहर खड़े होकर चुपके से बातें सुनते हुए देख लेती है।


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चोर छिपकर बात सुनता हुआ


 इसलिए वह रघु को कुछ नहीं बोलने देती और खुद जानबूझकर तेज तेज बोलने लगती हैं" आप चिंता न करे बुवा जी बिल्कुल ठीक हो जाएंगी और गहनों की फिक्र तो बिल्कुल भी मत करना मैंने उन्हें घर की दीवार के कोनों में छुपा दिया है।" यह सब बोलकर माला घर के दरवाजे पर ताला लगा देती है और वह दोनों वहां से चले जाते हैं

 खाली घर देखकर चोर बहुत खुश होता है आपने तो मेरा काम बहुत आसान कर दिया बिना किसी मेहनत के खजाने का पता भी मिल गया और चोरी करने के लिए समय भी जब तक वह दोनों वापस आएंगे तब तक तो मैं सारा खजाना लेकर इस गांव से बहुत दूर निकल जाऊंगा खिड़की के जरिए घर के अंदर घुस जाता है और गहनों के लालच में एक-एक करके घर की सभी दीवारों को तोड़ देता है लेकिन उसे कुछ नहीं मिलता। भाग जाता है 


कुछ देर बाद जैसे ही माला और रघु घर वापस आते हैं तो वह देखते हैं कि घर की सभी दीवारे टूटी हुई है। "हमे उस मुसाफिर को घर में अकेला छोड़कर नहीं जाना चाहिए था देखो उसने हमारे घर का क्या हाल कर दिया यह सब सिर्फ तुम्हारी वजह से हुआ है।" मुझे पहले से ही पता था कि वे मुसाफिर चोर है।     कहानियाँ (Hindi Stories)

 इसलिए मैंने जानबूझकर वे सभी बातें उसके सामने बोली आपको पता तो है ही कि हमें घर की मरम्मत करवानी है जिसके लिए पहले मजदूरों को ढूंढो फिर घर तोड़ने और बनाने के लिए दोगुने पैसे देने पड़ते तो यह लीजिए अब आपको बस मरम्मत पर ही खर्चा करना है। क्योंकि तोड़फोड़ का काम तो चोर बिल्कुल मुफ्त में ही कर गया। क्यों सही कहा ना" माला की बात सुनकर रघु बहुत तेज हंसने लगता है 


जिसके बाद दोनों अपने घर की मरम्मत करवाते हैं और खुशी से रहने लगते हैं कुछ दिनों बाद चोर चूड़ी बेचने वाले का भेष बदलकर दोबारा गांव में वापस आ जाता है और सोचता है उस औरत ने मुझे दो बार बेवकूफ बनाया है। मैं उससे अपने हर अपमान का बदला लेकर रहूंगा चोर घर जाकर उसे चूड़ियां बेचने के बहाने बातों बातों में काम और पैसे के बारे में पूछने लगता है। लेकिन इस बार भी माला चोर को पहचान लेती है। यह चोर नहीं सुधरेगा। अब तो इसे सबक सिखाना ही पड़ेगा चोर को सबक सिखाने के लिए माला अपनी कुछ सहेलियों को घर के बाहर इकट्ठा करती है और उनसे बातें करते हुए चूड़ियां खरीदने का ढोंग करने लगती है। 


"अरे तुम्हें पता है कुछ दिन पहले मेरे घर में चोर घुस आया था। अच्छा कुछ चोरी तो नहीं हुआ? नहीं, सामान तो बच गया लेकिन उस दिन के बाद से घर में गहरे रखते हुए मुझे बहुत डर लगने लगा है। इसलिए मैंने तो अपने सभी गहने गांव से थोड़ी दूर जंगल में बरगद के पेड़ के नीचे छुपा दिए हैं।                                           कहानियाँ (Hindi Stories)

 माला की बात सुनते ही चोर की आंखें गहनों के लालच में चमक उठती है और  जल्दबाजी में चूड़ियां वहीं छोड़कर भागता हुआ जंगल की तरफ जाता है। चोर को ऐसे भागते हुए देख कर माला बहुत तेज हंसने लगती है।

 यह तो बहुत बड़ा मूर्ख है। इतना भी नहीं पता पूरा जंगल बरगद के पेड़ों से ही भरा हुआ है। इसी बात पर सभी गांव वाले ख़ुशी ख़ुशी अपना जीवन व्यतीत करने लगते हैं तो बच्चों इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हम अपनी बुद्धिमता से किसी भी मुसीबत का सामना आसानी से कर सकते हैं।

इस पोस्ट में आपने 2 कहनियाँ पढ़ी बेबी और मेकअप और चोर और खजाना। उम्मीद हैं आपको पसंद आई होगी । आप ये कहनियाँ भी पढ़ सकते हैं:-  

आलसी बंदर 


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