-->

आजादी का महत्व - तोते की कहानी HIndi Kahaniyan


bachchon ki nayi hindi kahaniya
Bachon ki kahani


किसी जंगल में एक तोता रहता था। वह बहुत मिलनसार था। जंगल में उसके अनेक मित्र थे। वह अपने मित्रों के साथ नए-नए खेल खेलता था। उसके सब मित्र उसके साथ खुश रहते थे। रोज़ सुबह उसके घर के पास सारे पक्षी इकट्ठे हो जाते। तोते के आने के बाद सब लंबी सैर को निकल जाते। तोते का कहना था कि हमें रोज़ सुबह सैर करनी चाहिए. इससे हमारा स्वास्थ्य अच्छा रहता है।


ऊँचे आसमान में लंबी सैर करने से सब पक्षियों को भूख लगने लगती। सब नीचे आ जाते। तोता सब मित्रों को मीठे मीठे फलों के पेड़ों पर ले जाता। सब मीठे-मीटे फल खाते और पेट भरने के बाद नए नए खेल खेलने लगते।

जंगल में पक्षियों का जीवन आनंद से गज़र रहा था। अचानक पतझड़ का मौसम शुरू हो गया। जंगल के पेड़ों से पत्ते झडने लगे। पक्षियों के सामने भोजन का संकट परंतु उसे निराश होकर लौटना पडता। सब पेड़ों से फल गायब हो गए थे।

तोता अपने मित्रों के लिए चिंतित था। वह जानता था कि उन्हें मीठे-मीठे फल खाने की आदत है, लेकिन फलों के अभाव में उन्हें गुज़र-बसर करने में कठिनाई हो रही है। तोते ने अपने मित्रों का मनोबल बढ़ाने के लिए एक सभा बुलाई।

उसने सबको समझाते हुए कहा-"हमें बुरे समय में घबराना नहीं चाहिए। समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता। आज जंगल में फलों की कमी है, लेकिन यही पेड़ कुछ समय बाद हरे-भरे हो जाएँगे।

सभा में तोते के एक मित्र ने बताया कि कुछ पक्षी जंगल छोड़कर चले गए हैं। उन्हें एक बहेलिया अपने साथ ले गया है। उसने उन्हें आश्वासन दिया है कि वह उन्हें रोज़ अच्छी-अच्छी चीजें खाने को देगा। यह सुनकर तोते को बहुत दुख हुआ। उसने अपने सभी मित्रों को सावधान करते हुए कहा-"यह सच है कि बहेलिया रोज़ खाने की चीजें देगा, लेकिन खाने के लालच में हमें उसकी कैद में रहना पड़ेगा।"

"कैद में रहने में क्या बुराई है?" एक पक्षी ने पूछा, "यहाँ तो भूख से मरने की नौबत आ गई है।"

Baccho ki kahani
Baccho ki kahani 

तोते ने कहा-"तुम्हें शायद गुलामी के जीवन की जानकारी नहीं है। कैद में तुम अपनी इच्छा से कुछ भी नहीं कर सकते। एक पिंजरे में तुम्हारी पूरी ज़िंदगी गुज़र जाएगी। " 'लेकिन पिंजरे में रोज़ खाने को तो मिलेगा," पक्षी ने कहा।



"ऐसे खाने से तो मौत बेहतर है," तोते ने नाराज़ होते हुए कहा-"तुम्हें आज़ादी का मूल्य नहीं पता। मैं तुम्हें बताना चाहता हूँ कि यह भारतभूमि है। यहाँ आज़ादी के लिए हज़ारों लोगों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया था। हमें भी प्रण लेना होगा कि आज़ादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान कर देंगे। जो मेरी बात से सहमत हैं, वे अपने हाथ ऊपर उठाएँ।"

तोते के समर्थन में सब पक्षियों ने अपने हाथ ऊपर उठाते हुए कहा-" आज़ादी जिंदाबाद!"

अब, आपकी बारी

बताइए

1. हमें रोज़ सुबह सैर क्यों करनी चाहिए?

2. तोता किसके लिए चिंतित था?

3. तोते ने अपने मित्रों का मनोबल बढ़ाने के लिए क्या कहा?

4. बहेलिये ने पक्षियों को क्या आश्वासन दिया?

5. कैद में रहने में क्या बुराई है?

6. भारत की आज़ादी के लिए हजारों लोगों को क्या देना पड़ा?


आप यह भी पढ़ सकते हैं कहानियों का भण्डार

NEXT ARTICLE Next Post
PREVIOUS ARTICLE Previous Post
NEXT ARTICLE Next Post
PREVIOUS ARTICLE Previous Post
 

Delivered by FeedBurner