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Hindi Stories - तितली, मुर्गी और चींटी की 3 कहानियाँ

इस पोस्ट में तितली रानी, टिंकू की तरकीब और समझदार चुटकी नाम की 3 कहानियाँ हैं , तो चलिये शुरू करते हैं 


1. तितली रानी


किसी बगीचे में एक तितली रहती थी वो बहुत सुन्दर थी। वह अपनी 

सुंदरता पर बहुत इतराती थी, इसलिए सब उसे 'तितली रानी' कहकर बुलाते थे।               

तितली रानी का सारा समय सजने-सँवरने में ही व्यतीत होता

था। वह रोज़ सज-धजकर बगीचे में घूमने निकलती

थी। बगीचे में तोते और चिड़िया के परिवार भी

रहते थे। तितली को देखकर सब उसकी

सुंदरता की प्रशंसा करते थे।


Baccho Ki Kahani, तितली की कहानी
Baccho Ki Kahani





परंतु

तितली रानी किसी से सीधे मुँह

बात नहीं करती थी। वह

अपनी ही धुन में बगीचे

में मँडराती रहती थी।

एक दिन तोते ने तितली का रास्ता

रोकते हुए कहा-"तितली रानी आज

तो बहुत सुंदर लग रही हो। थोड़ी देर

हमसे भी बात कर लो।

'' मेरे पास फालतू समय नहीं है," तितली

रानी ने इतराते हुए कहा-"मेरा रास्ता

छोड़ो। मुझे एक ज़रूरी काम

से सरसों के खेत में

जाना है।"




Baccho Ki Kahani, तितली की कहानी
Baccho Ki Kahani



तोते ने तितली को सावधान करते हुए कहा-"तितली रानी, सरसों के खेत में मत जाना। वहाँ मकड़ी ने अपना जाल बिछा रखा है।" तितली रानी ने तोते की सलाह पर ध्यान नहीं दिया वह इतराते हुए आगे बढ़ गयी उसने सोचा वह

अपना जीवन अपने ढंग से जीने के लिए स्वतंत्र है; तोता कौन होता है उसे


सलाह देने वाला।








तितली रानी सरसों के खेत में पहुँची। वह पीले पीले फूल बहुत सुन्दर लग

रहे थे। उन्हें देखकर तितली रानी प्रसन्न हो गई। वह कोई गीत

गुनगुनाते हुए सरसों के फूलों पर मँडराने लगी। पास

ही मकड़ी का जाला लगा हुआ था। मकड़ी

छिपकर अपने शिकार का इंतज़ार कर रही

थी। अचानक तितली रानी के पंख जाले

में उलझ गए।



Baccho Ki Kahani, तितली की कहानी
Baccho Ki Kahani




उसने जाले से बाहर

निकलने का बहुत प्रयत्न किया,

परंतु वह जाले से बाहर निकल न

सकी। अब उसे पछतावा हो रहा

था। तोते की सलाह न मानकर

उसने अपने प्राण संकट में डाल

लिए थे।


अब, आपकी बारी

बताइए

1. तितली किस बात पर इतराती थी?

2. तितली का सारा समय किस काम में व्यतीत होता था?

3. एक दिन किसने तितली का रास्ता रोका?

4. तोते ने तितली को कहाँ न जाने की सलाह दी थी?

5. तितली के पंख किसमें उलझ गए थे?








बच्चों की कहानी 2. टिंकू की तरकीब



गाँव के बाहर आम के बगीचे में एक मुर्गी रहती थी उसके 2 बच्चें थे

चिम्पू

चूजा और टिंकू चूज़ा। दोनों अभी छोटे थे, इसलिए मुरगी उन्हें बगीचे से बाहर

नहीं जाने देती थी। वह रोज़ उनके लिए नई -नई चीजें लेकर आती थी। वैसे तो

चिंपू और टिंकू को खाने-पीने की कोई कमी नहीं थी, परंतु वे दोनों अकेले बगीचे

से बाहर सैर पर जाना चाहते थे।


Baccho Ki Kahani, मुर्गी की कहानी
Baccho Ki Kahani



एक दिन चिंपू और टिंकू छिपकर बगीचे से बाहर चले गए। बगीचे से बाहर की

दुनिया देखकर दोनों चूज़े बहुत प्रसन्न थे। खुले आसमान के नीचे चिंपू और टिंकू

को बहुत मज़ा आ रहा था। चिंपू ने टिंकू से कहा-"क्यों

टिकू भाई, आज तो मज़ा आ रहा है।"




Baccho Ki Kahani, मुर्गी की कहानी
Baccho Ki Kahani



टिंकू ने खुश होकर कहा-"हाँ

चिंपू भाई, यहाँ तो बहुत मज़ा

आ रहा है।"

'अब हम रोज़ यहाँ खुली

हवा में सैर करने आया

करेंगे," चिंपू ने कहा।   


चिंपू और टिंकू सैर करते हुए एक तालाब पर पहुँच गए। तालाब में चार बतख

तैर रही थीं। टिंकू ने चिंपू से कहा-" भाई, हम भी तालाब में तैरेंगे।'

चिंपू ने निराश होते हुए कहा-"लेकिन हमें तो तैरना ही नहीं आता । हम तालाब

में जाएँगे तो डूब जाएँगे।" तभी टिंकू को एक तरकीब सूझी। उसने चिंपू से

तालाब में तैर सकते हैं।
"

चिंपू ने देखा कि पास ही बरगद के कुछ पत्ते गिरे हुए हैं। वह टिंकू का इशारा

समझ गया। उसने खुश होकर कहा-"चल भाई , तैरने का प्रयास करते हैं।"

चिंपू और टिंकू एक-एक पत्ता उठाकर तालाब के किनारे चले

गए। उन्होंने अपना-अपना पत्ता तालाब में उतारा

और उस पर बैठकर तैरने लगे।




Baccho Ki Kahani, मुर्गे की कहानी
Baccho Ki Kahani


दोनों बहुत खुश थे।

अब, आपकी बारी

बताइए



1. मुरगी के कितने बच्चे थे?

2, चिंपू और टिंकू अकेले कहाँ जाना चाहते थे?

3. तालाब में कितनी बतखें तैर रही थीं?

4. तालाब में तैरने की तरकीब किसे सूझी?

5. चिंपू और टिंकू किस पर बैठकर तालाब में तैरने लगे?







बच्चों की कहानी 3 समझदार चुटकी


चुटकी चींटी एक पेड़ पर अपने परिवार सहित रहती थी। वह अपने पूरे परिवार की देखभाल अच्छी तरह से करती थी वह सुबह होते ही अपने काम पर निकल

जाती थी। परिवार के सभी सदस्य काम में

चुटकी की मदद किया करते थे। सब

मिल-जुलकर काम करते थे और

आनंदपूर्वक रहते थे।




Baccho Ki Kahani, चीटी की कहानी
Baccho Ki Kahani




पेड़ पर पक्षियों के कुछ परिवार

भी रहते थे। चुटकी सब पक्षियों

को अपना मित्र मानती थी।

सारे पक्षी भी चुटकी की

मेहनत की प्रशंसा

किया करते थे। 


चुटकी चींटी मेहनती तो थी ही, वह बहुत समझदार भी थी। उसे किसी भी खतरे का पहले से ही पता चल जाता 

था , जैसे ही उसे किसी खतरे का आभास होता

था, वह सबको सावधान कर देती थी।

एक दिन चुटकी चीटी काम पर गई हुई थी। तभी उसे आभास हुआ कि कुछ

समय बाद बारिश होने वाली है। चुटकी

जल्दी-जल्दी अपने घर पहुँची।
          


उसने

पास- पड़ोस में सबको सूचित करते

हुए कहा-"कुछ समय बाद बारिश

होने वाली है। बारिश से बचाव

के लिए सब अपने-अपने

মरों की मरम्मत कर ले

और खाने-पीने का

सामान सुरक्षित

स्थान पर रख लें।"




Baccho Ki Kahani, चीटी की कहानी
Baccho Ki Kahani



चुटकी ने अपने परिवार को भी बारिश से बचाव के उपाय करने के लिए कहा।

चुटकी की देखा देखी पास पढ़ोस के सब परिवार अपने-अपने घरों की मरम्मत करने लगे अँधेरा होने से पहले 

सबने अपना अपना काम पूरा कर लिया

रात में अचानक धुआँधार वारिश की बूँदैं

पड़ने लगीं। सब अपने-अपने घर में

छिपकर वैठ गए।


Baccho Ki Kahani, चीटी की कहानी
Baccho Ki Kahani



वहाँ किसी

को कोई खतरा नहीं था। सब

चुटकी की समझदारी की

प्रशंसा कर रहे थे।




अब , आपकी बारी

बताओ:-



1. चुटकी काम पर कब जाती थी?

2 सारे पक्षी चुटकी की किस वात की प्रशंसा करते थे?

3. किसी खतरे का आभास होने पर चुटकी क्या करती थी?

4. एक दिन छुटकी को किस खतरे का आभास हुआ?

5. चुटकी की देखा देखी सब परिवार क्या करने लगे?
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